पारा शिक्षक हत्याकांडः विधायक एनोस एक्का को उम्र कैद की सजा, जुर्माना

सिमडेगाः कोलेबिरा विधायक एनोस एक्का को कोर्ट ने मंगलवार को पारा शिक्षक हत्याकांड मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने विधायक एनोस एक्का पर एक लाख, 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसी मामले में एक अन्य आरोपी के धनेश बड़ाइक को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार एडीजे की अदालत ने पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या मामले में कोलेबिरा विधायक एनोस एक्का को आजीवन कारावास व अलग-अलग धाराओं में कुल एक लाख 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने विधायक को आइपीसी की धारा 302-120 बी के तहत आजीवन कारावास व 1 लाख जुर्माना, 364-120 बी के तहत आजीवन कारावास व 50 हजार का जुर्माना, धारा 201-120बी के तहत 3 साल सश्रम कारावास व 10 हजार जुर्माना की सजा, धारा 171 एफ-120 बी के तहत 1 साल कारावास की सजा तथा 27 आर्म्स एक्ट के तहत 3 साल सश्रम कारावास व 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में अलग से सजा का प्रावधान तय किया गया है।
क्या है था मामला
जिले के कोलेबिरा प्रखंड के मध्य विद्यालय जताटांड़ के पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या वर्ष 2014 में हो गई थी। पारा शिक्षक को उनके स्कूल से 26 नवंबर को अगवा किया गया था। वहीं, अलगे दिन यानी 27 नवंबर 2014 को पारा शिक्षक का शव स्कूल के समीप झाड़ी से बरामद हुआ था। पुलिस ने इस मामले में विधायक एनोस एक्का को 26 नवंबर को ही आधी रात में करीब डेढ़ बजे गिरफ्तार किया था। इस मामले में कोलेबिरा थाना में 58-4 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने सुनवाई के दौरान साक्ष्य व गवाह के बयान के आधार पर विधायक एनोस एक्का को गत 30 जून को दोषी करार दिया और तीन जुलाई को सजा सुनाई।
इधर, इसी मामले में अदालत एक अन्य आरोपी धनेश बड़ाईक को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहरात हुए आजीवन कारावास एवं 85 हजार जुर्माना की सजा सुनाई गई। उसे घटना में रेकी करने के मामले में दोषी पाया गया। वहीं, मुआवजा की राशि पारा शिक्षक मनोज कुमार की पत्नी को देने का निर्देश भी अदालत ने दिया है। इसके अतिरिक्त अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकार को भी उपरोक्त मामले को संज्ञान में लेकर पीड़ित आश्रित की मदद करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने अपराध और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया
एडीजे (अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश) नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने पारा शिक्षक मनोज कुमार की हत्या के मामले में पूर्व मंत्री व कोलेबिरा (झारखंड) के विधायक एनोस एक्का को दोषी करार दिया था। उन्हें हत्या करने, साक्ष्य छुपाने, हत्या के उद्देश्य से अपहरण करने तथा चुनाव अवधि में राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए अपराध करने के साथ-साथ 27 आ‌र्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया गया। कोर्ट ने इस मामले में सजा के लिए तीन जुलाई की तारीख मुकर्रर की थी।

उग्रवादी से बातचीत कर फंसे थे एनोस
इस मामले में झारखंड पार्टी के विधायक एनोस के पुलिस गिरफ्त में आने की कहानी भी दिलचस्प है। दरअसल, पुलिस ने पूर्व से ही पीएलएफआइ (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) उग्रवादी विक्रम उर्फ बारूद गोप के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखा था। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन भी विधायक एनोस एक्का ने मोबाइल से विक्रम गोप से बात कर उससे पारा शिक्षक की हत्या की जिम्मेदारी लेने को कहा था। पुलिस ने इसी बातचीत को आधार मानकर विधायक को गिरफ्तार किया था। बातचीत के टेप को पुलिस ने कोर्ट में भी मजबूत साक्ष्य के रूप में पेश किया था।
कोर्ट के निर्देश के बाद भी नहीं दिया था वॉयस सैंपल
बातचीत के टेप से मिलान करने के लिए विधायक ने न सिर्फ पुलिस जांच में वॉयस सैंपल देने से इन्कार किया, बल्कि न्यायालय के आदेश के बावजूद उन्होंने वॉयस सैंपल नहीं दिया। इसके बाद पुलिस गिरफ्त में आए विक्रम गोप ने सरकारी गवाह बनने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। बाद में विधायक एनोस एक्का के वकील ने इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी। हालांकि हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा विक्रम को सरकारी गवाह बनाए जाने के निर्णय को सही ठहराया।

विक्रम गोप सरकार गवाह बनने के बाद भी मुकर गया
इस मामले में पांच जून को विक्रम गोप का बयान होटवार जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज कराया गया। हालांकि सरकारी गवाह बनने के बाद भी उसने घटना के प्रति अनभिज्ञता जाहिर की। अब उसके विरुद्ध भी विधिवत ट्रायल चलेगा। इसके बाद कोर्ट ने अन्य साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर विधायक एनोस एक्का को दोषी करार दिया। इस दौरान विधायक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होटवार जेल से पेश किया गया।
43 महीने से है बंद एनोस एक्का
पारा शिक्षक मनोज कुमार हत्याकांड मामले में विधायक एनोस एक्का वर्ष 2014 के नवंबर से ही जेल में बंद है। उन्होंने जेल में रहकर ही गत विधान सभा चुनाव में कोलेबिरा सीट से जीत हासिल की थी। इस दौरान उन्होंने भाजपा नेता मनोज नागेशिया को चुनावी मैदान में शिकस्त दी थी। इसके पहले वह 2009 में भाजपा के महेन्द्र भगत तथा 2005 में कांग्रेस के थियोडोर किड़ो को हराकर विधायक बने थे। परंतु गत विधानसभा चुनाव के ठीक पहले वे पारा शिक्षक की हत्या मामले में गिरफ्तार कर लिए गए और करीब 43 महीने से जेल में बंद हैं। फिलहाल वे रांची के होटवार जेल में बंद हैं।
कौन थे मनोज
सिमडेगा में कोलेबिरा क्षेत्र के जटाटांड स्कूल के पारा शिक्षक मनोज लसिया प्रखंड संघर्ष समिति और कोलेबिरा प्रखंड के पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष थे। इसके पहले वे एनोस एक्का की पार्टी के सक्रिय सदस्य थे। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एनोस का साथ छोड़कर वे दूसरे पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे। एक दिन वे अपने सहयोगी पारा शिक्षक संजू नायक के साथ स्कूल में बैठे थे, तभी बाइक से दो हथियारबंद अपराधी आए और जबरन मनोज को उठाकर ले गए। अपराधियों ने संजू को इस बारे में किसी को जानकारी नहीं देने की धमकी दी थी।

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