पहाड़ पर ‘आग’ लगाने की साजिश बर्दाश्त नहीं – ममता

‘कलिम्पोंग के विकास के प्रति हम प्रतिबद्ध हैं’

कलिम्पोंग / कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहाड़ पर शांति और भाईचारे का संदेश देते हुए यह साफ कर दिया कि आग लगाने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। कलिम्पोंग को राज्य के 21वें जिले के तौर पर अस्तित्व में लाये जाने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के विकास के प्रति हम प्रतिबद्ध है। सीएम ने कहा कि यहां हमेशा व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए आग लगाने का काम हुआ है। जो सही मायने में सच्चे और अच्छे हैं वे आग लगाने का काम नहीं करते बल्कि वे शांत मस्तिष्क से विकास और समाज के विकास पर ध्यान देते हैं। मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिये बगैर कहा कि जिनका मन और दिल अशांत होता है, राजनीतिक तौर पर वैसे ही लोग आग लगाने का काम करते हैं। राज्य में शांति का वातावरण है और हिंदू, मुस्लिम, सिख या किसी और को भी आग जलाने नहीं दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि खून का रंग एक होता है और मैं उसी में समाज की एकरूपता देखती हूं। जब एक ही रंग का रक्त सबकी रगों में बहता है तो कोई अलग कैसे हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने कलिम्पोंग की जनता की आंखों में नये सपनों की चमक देखी हूं।
दार्जिलिंग के विकास के लिए मैं काफी प्रयासरत
विकास के लिए उनके दिल में अरमानों की जो रोशनी जल रही है उसे मैं जरूर साकार करूंगी। उन्होंने कहा कि पहाड़ या राज्य के किसी भी कोने में दंगा-फसाद मेरा काम नहीं है। जिनके घर में शांति नहीं है वहीं ऐसे कामों में लगे रहते हैं। राज्य में भोजपुरी, बंगाली, हिन्दी भाषी, भूटिया, शेरपा, गुरुंग,आदिवासी, राजवंशी सभी एक साथ हैं। एक साथ रहने से ही हमारी मिट्टी मजबूत बनती है।
विकास को पहली प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि दार्जिलिंग के विकास के लिए मैं काफी प्रयासरत हूं। कलिम्पोंग शीघ्र ही युवा शक्ति के लिए रोजगार का हब बनेगा। लेकिन यहां विकास का खाका तैयार करने का काम जीटीए का है। मैं राज्य सरकार के माध्यम से हर क्षेत्र के विकास का खाका तैयार कर सकती हूं। इसके बावजूद मैं अपने प्रयास से भी पहाड़ पर 15 बोर्ड बनाकर विकास की कोशिश में लगी हूं। उन्होंने कहा कि जैसे तकदह, हिलटाॅप, पेदोंग का पुनर्निर्माण कराया गया उसी तरह कलिम्पोंग को भी विकसित करूंगी। पूर्णांग जिला बनने से प्रशासनिक स्तर पर कलिम्पोंग का विकास तेजी से होगा। यह बड़ा इलाका है। जो पहले सिल्क रूट के नाम से जाना जाता था।

आग नहीं जलाकर शांति का दीप जलाएं
उन्होंने कहा कि यहां रोजगार की भी काफी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने यहां कम्प्यूटर उद्योग लगाने की संभावनाओं पर बल देते हुए कहा कि मैं व्यक्तिगत तौर पर उद्योगपतियों से बात करूंगी। यहां मैं ब्राइट फ्यूचर देख रही हूं। उन्होंने पहाड़ की जनता से कंधे से कंधा मिलाकर चलने की अपील करते हुए कहा कि हम आपके साथ मिलकर पहाड़ की उन्नति चाहते हैं। इसलिए आग नहीं जलाकर शांति का दीप जलाएं।

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