खरीद-फरोख्त पत्र नकली है तो सीबीआई जांच होः बाबूलाल मरांडी

रांचीः झारखंड विकास मोर्चा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्र हाथ का लिखा हुआ है, टाइप किया हुआ नहीं है। इसकी आसानी से जांच हो सकती है। मरांडी यह बयान पूर्व भाजपा अध्यक्ष रवींद्र राय पर उस बयान पर दिया जिसमें कहा गया था कि पत्र फर्जी है। सही साक्ष्य नहीं है। उन्होंने कहा- झाविमो इस मुद्दे को आसानी से जाने नहीं देगा। आगे प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति तक जाएंगे। इसके बाद सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत है। जहां पर 2019 में जनता अपना फैसला देगी। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से चार मांग की है। इसमें दोषी विधायकों पर एफआईआर दर्ज करने, विधायकों की सदस्यता रद्द करने और इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
यह लोकतंत्र की हत्या का मामला बताया
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वे चोरी और सीना जोरी कर रहे हैं। बात को इधर-उधर घुमाने की क्या जरूरत है। एक लाइन में मुख्यमंत्री से इस मामले में जांच की मांग उन्हें करनी चाहिए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। चूंकि इस मामले में मुख्यमंत्री की भी संलिप्तता सामने आ गई तो निश्चित ही इसमें अब उन्हें देर नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जांच नहीं कराती है तो 2019 में विपक्ष की सरकार बनने पर निश्चित ही इसकी जांच कराई जाएगी। क्योंकि यह लोकतंत्र की हत्या का मामला है। जनता के विश्वास का मामला है। संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, प्रवक्ता योगेंद्र प्रताप सिंह सहित कई उपस्थित थे।
वहीं दूसरी तरफ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया है कि झारखंड में विपक्ष अब सत्ता से बाहर ही रहेगा। सरकार बनाने की उनकी लालसा पूरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि डोमिसाइल के नाम पर बाबूलाल मरांडी के शासनकाल का खून-खराबा और जेएमएम नेताओं का संसद में घूसकांड कोई नहीं भूला है। उनके लिए भ्रष्टाचार ही शिष्टाचार है। सीएनटी और एसपीटी कानून का उल्लंघन कर हेमंत सोरेन गरीबों की जमीनों पर कब्जा जमाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री बनाकर भ्रष्टाचार का कीर्तिमान रचा
उन्होंने कहा- आजकल राजद का मुख्यालय तो जेल में ही शिफ्ट हो चुका है। कांग्रेस ने मधु कोड़ा को मुख्यमंत्री बनाकर भ्रष्टाचार का कीर्तिमान रचा। खुद सत्ता के मधु खाए और एक आदिवासी को कोड़ा खाने को विवश किया। इस प्रकार स्पष्ट है कि जेएमएम, जेवीएम, कांग्रेस, राजद और वाम पार्टियां झारखंड के लोगों की हितैषी नहीं। जबकि, रघुवर सरकार गरीब, किसान, पिछड़ों, एसी-एसटी और आदिम जनजातियों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

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