केंद्र सरकार किसी भी राज्य के साथ नहीं करेगी सौतेला व्यवहार – मेघवाल

‘जल विवाद निपटान में तेजी लाने के लिए सिंगल ट्रिब्यूनल’
तीस्ता मुद्दे पर बंगाल का स्वार्थ पहले – राजीव बनर्जी
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सोमवार को केंद्रीय जल संसाधन विकास राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जल संसाधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 5 राज्यों बंगाल, बिहार, ओडिशा, झारखण्ड और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों के साथ महानगर में एक बैठक की। इस बैठक में राज्य के सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी, जल संसाधन, जांच व विकास मंत्री सौमेन महापात्र, छत्तीसगढ़ के जल संसाधन मामलों के मंत्री ब्रिज माेहन अग्रवाल, ओडिशा के खाद्य आपूर्ति व उपभोक्ता कल्याण मामलों के मंत्री सूर्यनारायण पात्रो व संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि केंद्र सरकार किसी भी राज्य के साथ सौतेला व्यवहार नहीं करेगी। मंत्री राजीव बनर्जी द्वारा केंद्र से रुपये नहीं भेजे जाने के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से जुड़े 3-4 मुद्दे हमारे पास बंगाल से आये हैं। सभी मुद्दों पर गौर किया जा रहा है और राज्य को रुपये दिलाने का प्रयास किया जाएगा। ऐसा नहीं है कि किसी एक राज्य को रुपये नहीं दिये जा रहे हैं। बंगाल अथवा दूसरे हर राज्य के साथ न्याय किया जाएगा, किसी के भी साथ अन्याय नहीं होगा। इधर, राज्य के सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी ने तीस्ता मुद्दे पर कहा कि इस मुद्दे पर बंगाल का स्वार्थ सबसे पहले होगा। बंगाल को छोड़कर केंद्र तीस्ता मुद्दे पर कोई काम नहीं करेगा। अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सिंचाई की सुविधा के मामले में पूर्वी क्षेत्र पिछड़ गया है। कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड गठन के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला साफ है कि कोई नदी एक राज्य से दूसरे राज्य में गुजरेगी तो वह राष्ट्रीय संप​त्ति होगी, किसी एक राज्य की नहीं। राज्य के अपने हित हो सकते हैं, लेकिन राज्यों को अपने हितों को भुलाकर राष्ट्र हित का ध्यान रखना होगा।
मेघवाल ने कहा कि जल विवाद निपटान में तेजी लाने के लिए सिंगल ट्रिब्यूनल का प्रस्ताव है ताकि राज्यों के जल से जुड़े मुद्दों का तेजी से निपटारा किया जा सके। वर्तमान में कावेरी, नर्मदा, कृष्णा और अन्य नदियों के लिए पृथक ट्रिब्यूनल हैं और महानदी ट्रिब्यूनल की प्रक्रिया भी चल रही है। मेघवाल ने कहा, ‘कई ​ट्रिब्यूनल के बदले एक सिंगल नेशनल ट्रिब्यूनल इंटर स्टेट रिवर डिस्प्यूट्स एक्ट अमेंडमेंट बिल 2017 प्रस्तावित किया गया है जिसे लोकसभा में पारित भी कर दिया गया है। सिंगल ट्रिब्यूनल से राज्यों को सिंचाई की उचित सुविधा मिलेगी और ट्रिब्यूनल का निर्णय ही अंतिम माना जाएगा।’

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