एससी/एसटी एक्ट को लेकर देश के कई राज्यों में प्रदर्शन, तोड़फोड़, मध्यप्रदेश में धारा 144 लागू

नई दिल्लीः देश में एससी/एसटी एक्ट को लेकर देश में भारत बंद का असर देखने को मिला। मंगलवार को इसके विरोध में देश के बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्‍थान सहित कई राज्यों में सवर्णों ने प्रदर्शन किया। इसमें सबसे ज्यादा प्रदर्शन का असर बिहार और मध्यप्रदेश में रहा। बिहार के जहानाबाद, आरा और मध्य प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शन के अलावा खूब तोड़फोड़ की गई। इस कारण मध्य प्रदेश के कई जिलों में धारा-144 लागू कर दी गई है।

आरा में ट्रेन रोकी, दरभंगा और पटना में प्रदर्शन
बिहार के आरा में बंद समर्थकों ने बाजारों को बंद कराने के साथ ही ट्रेनें भी रोकी हैं। आरा के अलावा दरभंगा और पटना में बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है। सवर्ण समाज का कहना है कि वो किसी खास समुदाय के खिलाफ नहीं है। लेकिन केंद्र सरकार को सवर्ण समाज की भावना का भी सम्मान करना चाहिए।

मप्र. के 10 जिलों में धारा 144 लागू
इस आंदोलन के दौरान मध्यप्रदेश में प्रशासन की सबसे ज्यादा सजगता देखने को मिल रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के कई हिस्सों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां 10 जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है और एहतियातन हालातों को काबू में रखने के लिए 10 बजे से 4 बजे तक पेट्रोल पंपों को बंद रखा गया है। कुछ शहरों में शिक्षण संस्थान और इंटरनेट बंद है।

2 अप्रैल को एससी-एसटी वर्ग के लोगों ने किया था प्रदर्शन
एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के बदलाव करने के बाद 2 अप्रैल को आरक्षण पाने वाले समाज ने आंदोलन किया था। इस दौरान ग्वालियर, चंबल-संभाग में सबसे ज्यादा हिंसा देखने को मिली थी। चार लोगों की मौत हुई थी और इस बार सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर सतर्क है।

क्या है विवाद
एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सवर्ण समुदाय ने राहत देने वाला बताया था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसमें हस्तक्षेप कर इसके एक्ट को बदल दिया था। सवर्ण समुदाय एससी/एसटी एक्ट पर शीर्ष न्यायालय के फैसले को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। दरअसल, दलित समुदाय के विरोध प्रदर्शनों एवं अपने ही दलित समर्थक सहयोगी दलों के दबाव को देखते हुए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलने का फैसला किया। सरकार ने मानसून सत्र में एससी-एसटी एक्ट में संशोधन से संबंधित विधेयक को मंजूरी दे दी। सरकार के इस कदम के बाद सवर्ण संगठन नाराज हो गए हैं।

परिणाम भुगतने की धमकी
मध्य प्रदेश के सवर्ण समुदायों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो सरकार को इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। सवर्ण संगठनों की भारत बंद की तैयारी को देखते हुए मध्य प्रदेश में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।

क्या है एससी-एसटी एक्ट
दलित समुदाय का कोई व्यक्ति यदि किसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराता है तो आरोपी व्यक्ति के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज हो जाती है और बिना जांच के उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया जाता है। एससी/एसटी एक्ट में दर्ज मामलों की सुनवाई भी स्पेशल कोर्ट में होती है। इस एक्ट में अग्रिम जमानत मिलने का प्रावधान नहीं है। इन मामलों में जमानत केवल उच्च न्यायालय से मिलती है।

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