आसाराम को यौन उत्पीड़न मामले में जेल में ही सुनाया जाएगा फैसला

जोधपुरः यौन उत्पीड़न मामले में अब आसाराम को जेल में ही हाईकोर्ट का फैसला सुनाया जाएगा। इसके लिए जेल में ही कोर्ट लगाई जाएगी। आसाराम के समर्थकों का बड़ी संख्या में जोधपुर पहुंचने और गुरमीत राम रहीम की सजा के दौरान हुए उपद्रव को देखते हुए राज्य सरकार ने राजस्‍थान हाईकोर्ट से यहां जेल में ही सजा सुनाने के लिए आग्रह किया था। इस पर हाईकोर्ट ने आसाराम को जेल में ही फैसला सुनाने का आदेश दिया।
बता दें कि यौन उत्पीड़न के मामले में अभी सुनवाई पूरी हो चुकी है। इस विषय पर कोर्ट 25 अप्रैल को अपना फैसला सुनाएगा।
एक लाख की संख्या में आ सकते हैं आसाराम के समर्थक
स्थानीय पुलिस प्रशासन खुलकर बता नहीं पा रहा है कि 25 अप्रैल को फैसला सुनाए जाने के दौरान आसाराम के कितने समर्थक जोधपुर आएंगे, लेकिन माना जा रहा है कि यह संख्या एक लाख से ऊपर हो सकती है। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कत आ सकती है। इसे ध्यान में रख राज्य सरकार ने शुक्रवार को एक हाईकोर्ट में एक अपील कर इस फैसले को जेल के भीतर ही सुनाए जाने की अपील की। उनका तर्क था कि आसाराम के समर्थकों की बड़ी संख्या के कारण शहर की कानून व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। आसाराम के समर्थकों के कारण शहर के लोगों को परेशान नहीं किया जा सकता है। गत वर्ष अगस्त में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक दुष्कर्म मामले में अदालत ने दोषी करार दिया था। इसके बाद उनके समर्थक हिंसा पर उतर आए थे। इस कारण बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे और व्यापक स्तर पर तोड़फोड़ होने से भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद अदालत ने सजा की घोषणा जेल में ही कोर्ट लगाकर की थी।
यह है मामला
आसाराम के गुरुकुल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त 2013 को आसाराम ने जोधपुर के निकट मणाई गांव में स्थित एक फार्म हाउस में उसका यौन उत्पीड़न किया। 20 अगस्त 2013 को उसने दिल्ली के कमला नगर पुलिस थाने में आसाराम के खिलाफ मामला दर्ज कराया। जोधपुर का मामला होने के कारण दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के लिए उसे जोधपुर भेजा। जोधपुर पुलिस ने आसाराम के खिलाफ नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने का मामला दर्ज किया। जोधपुर पुलिस 31 अगस्त 2013 को इन्दौर से आसाराम को गिरफ्तार कर जोधपुर ले आई। उसके बाद से आसाराम लगातार जोधपुर जेल में ही बंद है।

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