राष्ट्रपति चुनाव पर आम सहमति पर जोर

नयी दिल्ली : विपक्षी दलों ने शुक्रवार को कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी यदि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में विपक्ष के साथ सलाह मशवरा से सर्वसम्मत उम्मीदवार खड़ा नहीं करती है तो वे इन चुनावों में ‘राजनीतिक संग्राम’ के लिए तैयार हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्ष की रणनीति तय करने को लेकर यहां दोपहर के भोज पर बुलायी गयी विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद तथा जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने संवाददाताओं से कहा कि यदि आम सहमति से स्वीकार्य उम्मीदवार नहीं तय होता है तो विपक्ष इस पद के लिए अपना उम्मीदवार तय करेगा जो सांविधानिक मूल्यों की रक्षा करने में सक्षम हों।
विपक्ष की एक ओर से एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया या जिसमें कहा कि यह एक सामान्य परंपरा है कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के नामों पर आम सहमति बनाने के लिए सत्तारूढ पार्टी पहल करती है। इन दोनों पदों के लिए चुनाव होने वाले हैं लेकिन सत्तारूढ दल ने अभी तक ऐसी कोई पहल नहीं की है। बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, जदयू के नेता शरद यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती, राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सुधाकर रेड्डी सहित विभिन्न दलों के 30 से अधिक नेता मौजूद थे।
यादव ने कहा कि विपक्ष को उम्मीद है कि सरकार राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम पर आम सहमति बनाने का प्रयास करेगी लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो विपक्ष राजनीतिक लड़ाई के लिए बाध्य होगा। सोनिया गांधी पिछले कुछ समय से इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के नेताओं से अलग अलग बातचीत करती रही हैं। इनमें नीतिश कुमार, ममता बनर्जी और लालू यादव प्रमुख हैं। नीतीश कुमार ने हाल ही में कहा था कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दोबारा इस पद के लिए उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए। दोनों नेताओं ने कहा कि बैठक में राष्ट्रपति चुनावों के साथ- साथ देश के मौजूदा हालातों पर भी विस्तार से चर्चा की गयी। उन्होंने कहा कि सभी इस बात को लेकर चिंतित है कि सरकार की नीतियों से युवा, किसान, आदिवासी, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक और निचले तबकों पर बोझ बढता जा रहा है। सभी ने सरकार को इन नीतियों के लिए संसद में घेरने की रणनीति भी बनायी।

एसे अन्य लेख

Leave a Comment

अन्य समाचार

लूट के इरादे से टेलर ने की फैशन डिजाइनर की हत्या

नयी दिल्ली : वसंत कुंज में बुधवार देर रात एक फैशन डिजाइनर माला लखानी और उनके नौकर बहादुर की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों के शव फैशन डिजाइनर के घर से बरामद हुए हैं। इस मामले में [Read more...]

इस बार गणतंत्र दिवस पर द. अफ्रीका के राष्ट्रपति होंगे मुख्य अतिथि

नई दिल्लीः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ठुकराने के बाद इस बार गणतंत्र दिवस पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने भारत के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। [Read more...]

मुख्य समाचार

अमेरिकी रक्षा विभाग खरीदेगा 255 एफ-35 लड़ाकू विमान

न्यूयार्कः लॉकहीड मार्टिन कंपनी से नये विकसित किए गए एफ-35 विमानों की खरीद के लिए अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन ने 22.7 अरब डॉलर का नया आर्डर दिया है। इसके तहत 255 विमान खरीदे जाएंगे। [Read more...]

लूट के इरादे से टेलर ने की फैशन डिजाइनर की हत्या

नयी दिल्ली : वसंत कुंज में बुधवार देर रात एक फैशन डिजाइनर माला लखानी और उनके नौकर बहादुर की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों के शव फैशन डिजाइनर के घर से बरामद हुए हैं। इस मामले में [Read more...]

ऊपर