मोदी ने फिर की कैशलेस लेन देन की अपील

* खत्म होगा कतारों का दौर

* ‘विरोधी क्या कर लेंगे, हम तो फकीर आदमी हैं झोला लेकर चल पड़ेंगे’

* नौजवानों से लोगों को मोबाइल बैंकिंग सिखाने की अपील

मुरादाबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश को ‘बेईमानों’ से मुक्त करने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि नोटबंदी के फैसले के मद्देनजर गरीबों का हक छीनने वालों को अब हिसाब देना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने साथ ही बैंकों और एटीएम के आगे लगी लंबी कतारें लगने पर कहा कि वे मिटटी का तेल और चीनी के लिए 70 साल से कतारें लगा रही जनता से आखिरी बार कतार लगवा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की परिवर्तन यात्रा के तहत आयोजित जनसभा में देश को नकद लेनदेन से मुक्ति दिलाने का आह्वान करते हुए मोबाइल के जरिये खरीद फरोख्त करने का सुझाव दुहराया। उन्होंने नौजवानों से अपील की कि वे देशवासियों को मोबाइल के जरिये लेनदेन करना सिखायें। पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा कि आपने वो सरकारें अब तक देखी हैं जो अपने लिए काम करती हैं। अपनों के लिए करने वाली सरकारें बहुत आयीं। आपके लिए करने वाली सरकार भाजपा ही हो सकती है। भ्रष्टाचार को सारी मुसीबतों की जड़ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून का उपयोग करके बेईमान को ठीक करना होगा। उन्होंने अपने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि आजकल मेरे ही देश में कुछ लोग मुझे गुनाहगार कह रहे हैं। क्या मेरा यही गुनाह है कि गरीबों का हक छीनने वालों को अब हिसाब देना पड़ रहा है। मैं जनता के लिए लड़ रहा हूं। विरोधी मेरा क्या कर लेंगे, हम तो फकीर आदमी हैं, झोला लेकर चल पड़ेंगे। ये फकीरी है जिसने मुझे गरीबों के लिए लड़ने की ताकत दी है।

मोदी ने नोटबंदी के फैसले को सही बताते हुए कहा कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण गरीबों के नाम पर हुआ था लेकिन इस देश के आधे से अधिक लोग ऐसे गरीब थे जिन्हें कभी बैंक के दरवाजे तक जाने का मौका नहीं दिया गया। गरीबों के बैंक खाते खुलवाने की अपनी सरकार की पहल का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि 20 करोड़ गरीबों को रूपे कार्ड दिये गये हैं। अगर इस देश के गरीब को ताकत दी जाये तो गरीबी खत्म हो जायेगी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद कुछ लोग तो गरीबों के पैर पकड़ रहे हैं। ऐसा करो कि मेरा दो तीन लाख रुपये खाते में डाल दो। कभी किसी अमीर को गरीब के पैर पकड़ते नहीं देखा था। आज जिन बेईमान लोगों ने पैसा जमा किया है वो गरीबों के घर पर भी कतार लगाकर खडे़ हैं। बैंक के बाहर तो वो कतार लगाता है जिसमें ईमानदारी का माद्दा होता है। बेईमान गरीबों के घर के बाहर चोरी चुपके कतार लगाये हुए हैं।मोदी ने मौजूदा परेशानियों के निदान के लिए 50 दिन का समय मांगते हुए उन्होंने जनधन खाताधारकों से अपील की कि जितने पैसे उनके बैंक में आये हैं, कोई कितना भी दबाव डाले उसे नहीं निकालें। मैं देशवासियों को फिर कहता हूं कि आपको कष्ट हो रहा है और देश के लिए आप कष्ट झेल भी रहे हैं। लोग आपको आकर भड़काने की कोशिश करते हैं। मोदी ने कहा कि देश में ऐसी हवा बन गयी थी कि सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। नेताओं की जेब भर दो, काम चल जायेगा। अब वो नहीं चलेगा। कैशलेस अर्थव्यवस्था की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि अब मोबाइल फोन में ही बैंक आ गया है। जो खर्च करना है, मोबाइल के जरिये करें। एटीएम पर जाकर नोट निकालना अब जरूरी नहीं है। आप अपने मोबाइल से भी खर्च कर सकते हैं। उन्होंने नोटबंदी से किसानों को समस्या होने की विपक्ष की दलील को खारिज करते हुए कहा कि तकलीफ के बावजूद बुवाई में कमी नहीं आयी। पिछले साल से बुवाई बढ़ी है। एजेंसियां

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