पीओके के आतंकी ठिकानों पर हमला

अभियान पूरा, पीओके में केल,भीमबर, हॉट स्प्रिंग और लिपा में किये गये हमले, कार्रवाई में शामिल थे स्पेशल फोर्स के कमांडो, पुंछ में संघर्ष विराम का उल्लंघन

नयी दिल्ली : भारतीय सेना ने बुधवार रात जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित आतंकवादियों के कुछ लांचिंग पैड पर सीमित सैन्य (सर्जिकल स्ट्राइक) कार्रवाई कर कम से कम 38 आतंकवादियों को मार गिराया और उनकी मदद करने की कोशिश करने वालों को ‘भारी नुकसान’ पहुंचाया। सेना की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान से सटे सीमा गांवों में हाई अलर्ट कर दिया गया है। तनाव बढ़ने के बाद सीमावर्ती इलाकों के स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने गुरुवार को यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस में सेना द्वारा अचानक की गयी इस कार्रवाई की जानकारी दी। यह कार्रवाई उड़ी में एक सैन्य शिविर पर पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के आतंकियों द्वारा किये गये हमले के 11 दिन बाद की गयी है। उड़ी हमले में सेना के 18 जवान मारे गये थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हमलावर ‘सजा से नहीं बच पायेंगे’। डीजीएमओ ने कहा कि सेना ने बुधवार को मिली इस अत्यंत विश्वसनीय और विशिष्ट सूचना कि आतंकियों के कुछ दल नियंत्रण रेखा पर आतंकी शिविरों में जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य महानगरों में हमले करने के मकसद से एकत्र हुए हैं, के आधार पर बुधवार रात इन आतंकी शिविरों को सीमित सैन्य हमलों (सर्जिकल स्ट्राइक्स) से निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि हमले नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार किये गये। पाकिस्तान ने हालांकि भारत के दावे को ‘मनगढ़ंत’ करार देते हुए कहा है कि सीमा पार से की गयी गोलीबारी को लक्षित हमले बताना भारत द्वारा मीडिया में सनसनी पैदा करने का प्रयास है। पाकिस्तानी सेना ने इस्लामाबाद में जारी बयान में दावा किया कि भारत ने कोई लक्षित हमला नहीं किया है, इसकी जगह भारत की ओर से सीमा पार से गोलीबारी की गयी जैसा कि अक्सर होता रहता है।

भारतीय सेना द्वारा लक्षित हमले किये जाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति की बैठक के तुरंत बाद की गयी। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा अन्य को इन चुनिंदा हमलों के बारे में सूचित किया। बैठक में मोदी के अलावा रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, विदेशमंत्री सुषमा स्वराज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग उपस्थित थे। लक्षित हमलों की अवधि या इन्हें किये जाने के सही समय या लक्षित ठिकानों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी गयी है। सूत्रों ने बताया कि लक्षित हमलों में कम से कम दो आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने ब्यौरा साझा करते हुए कहा कि अभियान मुख्यतः यह सुनिश्चित करने के लिए थे कि ये आतंकी घुसपैठ करने और हमारे देश के नागरिकों के जीवन को नुकसान पहुंचाने के अपने नापाक इरादों में कामयाब न हो सकें। उन्होंने कहा कि इन अभियानों में आतंकवादियों तथा उन्हें मदद पहुंचाने की कोशिश करने वालों को भारी नुकसान पहुंचा है। ले. जनरल सिंह ने कहा कि आतंकियों को मार गिराने का अभियान पूरा हो गया है। अभियान को जारी रखने की फिलहाल कोई योजना नहीं है हालांकि भारतीय सशस्त्र बल किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

डीजीएमओ ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक से बात की और उन्हें भारत की चिंताओं से अवगत कराया तथा बुधवार रात किये गये लक्षित अभियान का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत का इरादा क्षेत्र में शांति एवं अमन बनाये रखने का है लेकिन हम निश्चित तौर पर नियंत्रण रेखा के पार आतंकियों को सक्रिय रहने तथा हमारे देश के नागरिकों पर हमलों की अनुमति नहीं दे सकते। डीजीएमओ ने कहा कि भारत के खिलाफ अपनी जमीन या क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं होने देने की पाकिस्तान द्वारा 2004 में की गयी प्रतिबद्धता के अनुरूप हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तानी सेना अपने क्षेत्र से आतंकवाद को उखाड़ फेंकने के नजरिये से हमारा सहयोग करेगी। सूत्रों के अनुसार केल,भीमबर, हॉट स्प्रिंग और लिपा में हमले किये गये। आतंकवादियों की गयी इस कार्रवाई में स्पेशल फोर्स के कमांडो शामिल थे जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोत्तम श्रेणी के कमांडो माना जाता है। इस कार्रवाई के बारे में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को जानकारी दे दी गयी थी। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस अभियान की निगरानी कर रहे थे।

इस बीच पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में एलओसी पर गुरुवार को बिना उकसावे के गोलीबारी करके फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तान ने बुधवार शाम भी पुंछ सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। सेना के एक अधिकारी ने श्रीनगर में बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने सुबह करीब सात बजे बिना उकसावे के नौगाम सेक्टर स्थित भारतीय चौकियों पर अकारण गोलियां बरसायी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने छोटे हथियारों और मोर्टार का इस्तेमाल किया लेकिन किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सेना की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान से सटे सीमा गांवों में हाई अलर्ट कर दिया गया है। तनाव बढ़ने के बाद सीमावर्ती इलाकों के स्कूलों को बंद कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि सीमा के निकटवर्ती गांवों को खाली कराने के लिए एक आधिकारिक नोटिस मिली है और इस संबंध में कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सीमावर्ती इलाके के लोगों को सतर्क और तैयार रहने को कहा गया है।

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