स्मृति शक्ति ह्रास एवं विकृति

मस्तिष्क को ढकने वाले पर्दे के अन्दर रक्ताधिक रस संचय या चोट लगने से हड्डी धमनी का टूटकर रक्त निकलना, मस्तक के अंदर फोड़ा होकर मवाद जमा हो जाना, जिसके कारण स्मृति शक्ति ह्रास हो जाने के कारण उदासी, मायूसी, निराशा, सुस्ती, घबराहट एवं हीनता की भावना से ग्रसित, क्रोध, लोभ-लालच, ईर्ष्या-जलन, उन्माद, प्रतिशोध, अहंकार, नफरत, मोह-माया, तुरन्त की क्रिया-प्रक्रिया से चेतना का सम्पूर्ण लोप होना। चिल्लाकर बुलाने से भी उत्तर न देना, सांस लेना में तकलीफ, मुख से श्वास-प्रश्वास चलना। आंखों की पलकें फैल जाती हैं। नाड़ी स्थूल हो जाना, रोगी बिड़बिड़ाकर प्रलाप करता है और बकता है।   मस्तिष्क को ढकने वाले पर्दे के अन्दर रक्ताधिक रस संचय या चोट लगने से हड्डी धमनी का टूटकर रक्त निकलना, मस्तक के अंदर फोड़ा होकर मवाद जमा हो जाना, जिसके कारण स्मृति शक्ति ह्रास हो जाने के कारण उदासी, मायूसी, निराशा, सुस्ती, घबराहट एवं हीनता की भावना से ग्रसित, क्रोध, लोभ-लालच, ईर्ष्या-जलन, उन्माद, प्रतिशोध, अहंकार, नफरत, मोह-माया, तुरन्त की क्रिया-प्रक्रिया से चेतना का सम्पूर्ण लोप होना। चिल्लाकर बुलाने से भी उत्तर न देना, सांस लेना में तकलीफ, मुख से श्वास-प्रश्वास चलना। आंखों की पलकें फैल जाती हैं। नाड़ी स्थूल हो जाना, रोगी बिड़बिड़ाकर प्रलाप करता है और बकता है।   चिकित्सा- रोगी को अंधेरे कमरे में सुलाकर रखें। जरूरत पर सिर पर आइस बैग व पंखे की हवा दें। कमरा खुला रखें जिससे बाहरी हवा खूब आये। रोगी को न बुलायें और न तंग करें और उसे संतोष, सहनशीलता, क्षमा,दया, प्रेम, विनय, मैत्री, मितभाषण, अतीत का भुलाकर वर्तमान में जो परिवर्तन हो रहा है, उसे स्वीकार करते हुए ईश्वर की तरफ ध्यान लगवाएं। रोगी को परिवार के लोग हर परिस्थिति में संतोष और सहनशीलता दिखलाये, गलतियों पर क्षमा, दया-प्रेम और विनय से समझायें, उससे हमेशा मित्रवत व्यवहार करें, आवश्यकता से ज्यादा मत बोलें। वर्तमान में परिवर्तन के साथ उनमें ईश्वर के प्रति लगाव और पूजा-पाठ करने को कहें, जिससे उनके मन को परिवर्तित किया जा सके। रोगी को दूध, साबू, बार्ली, मिश्री का पानी, ग्लूकोज, नारियल पानी और तरल पदार्थ पीने को दें।   होम्योपैथिक दवा-मृत्युभय, छटपटाहट, मानसिक अस्थिरता, चिड़चिड़ा, तुनुकमिजाज, झगड़ालू, कराहे और व्याकुलता, प्रियजनों की हत्या करना चाहे, दर्द, यन्त्रणा न रहने पर भी छटपटाहट, जीवन से निराश रहता है और कहता है ‘चिकित्सा से कोई लाभ नहीं होगा।’ अत्यधिक भय और ठंडा पसीना और आत्मघात की इच्छा,व्याकुल,चिन्ता और भय के स्वप्न आये, तन्द्रा, हर समय नहीं आयी रहे।   n Arsericum Album-200 शक्ति 2 बूंद दवा सप्ताह में दो बार लेवें। अधिक मानसिक चिंता की वजह से मस्तिष्क की कोई बीमारी, एकाएक स्मरण शक्ति का लोप हो जाती है, कुछ भी स्मरण नहीं रहता, अभी कुछ कह दीजिए, दूसरे ही मुहूर्त में भूल जाता है। वृद्धों की स्मरणशक्ति घट जाना कोई कमजोर करने वाली बीमारी भोगने के बाद लगातार शाप देने और कसम खाने की इच्छा और किसी पर विश्वास नहीं करना उसकी दो इच्छा एक काम करने को कहती है, दूसरी मना करती है। विद्यार्थियों के लिए ‘स्मृति सुधा’ है।   n Anacardium Oriental -30 शक्ति की दवा 2 बूंद सुबह एवं रात में लेवें। वृद्धों की स्मरण शक्ति का घटना एवं जिन व्यक्तियों की याददाश्त कमजोर, मूर्ख या बुद्धिहीन है, जल्दी जल्दी बढ़ते नहीं, नाटे, कुरूप और बौने ​जिनका पेट मोटा और दूसरे अंग-प्रत्यंग दुबले, ठंडी हवा लगते ही या माथा धोते ही सर्दी, जुखाम, छींकें आने लगें। पैर के तलवों में पसीना और ठंडा हो जाना। इसके साथ कभी कभी सुखंडी, टान्सिलाइटिस, घेघा, गलक्षत, मुंह में छाले रहते हैं।   n Baryta Carbonica-30 शक्ति की दवा 2 बूंद सुबह लें। स्मृति शक्ति का सम्पूर्ण लोप, अपना नाम तक भूल जाता है। मूर्च्छा के कारण रोगी बेहोश होकर कई घंटों से कई दिनों तक एक रूप में पड़ा रहता है, पुकारने पर उत्तर नहीं देता, होश में नहीं आता, इस दवा के सेवन से मस्तिष्क पर क्रिया प्रकट करके मनुष्य को गहरी नींद सुला देती है और धीरे-धीरे रोगी ठीक हो जाता है।   n Chloralum Hydratum-6 शक्ति दवा 2 बूंद सुबह एवं रात में दें। भविष्य के लिए मन में नाना प्रकार की चिन्ता व कल्पना के कारण अनिद्रा। यकायक शोक दु:ख, उद्वेग और आनंद और उसके दुष्परिणाम स्वरूप किसी बीमारी का पैदा हो जाना। आनंद के कारण रोना या एक बार हंसना एक बार रोना। जिन्दादिल, प्रसन्नचित्त, बात को बहुत आसानी से और जल्दी समझ लेना, चिड़​चिड़ापन, उत्तेजित और विचारों की भरमार, चिंता एवं नींद न आना।   n Coffea Cruda-200 शक्ति दवा 2 बूंद जीभ पर रात में सोने के पहले। मानसिक और शारीरिक दुर्बलता के साथ मानसिक अवसाद के साथ स्मृतिशक्ति क्षीण, थोड़े में ही उत्तेजित विरक्त होता है, समाज में जाने से डर, प्रतिवाद नहीं सहाना, कलहप्रिय, स्वेच्छाचारी, आलसी, किसी विषय की परवाह नहीं रखता, कामकाज करना नहीं चाहता, ​खिन्नचित्त, लजालू, मित्रों के साथ मिलना और बैठना। न चाहे और अकेला रहने से डरे। कामकाज में मन नहीं लगना। स्मरण शक्ति की निर्बलता जरा सा मानसिक परिश्रम भी सहन न कर सके। शरीर कांपना, पैर में शक्ति नहीं और गति-शक्ति की हीनता।   n Conium Maculatum-200 शक्ति की दवा दो बूंद रोज सुबह एक बार लें। मालूम होता है कि कोई छोटी-छोटी वस्तु या कीड़े चमड़े के नीचे है, बकवादीपन, लगातार बकता है। भयानक, अवास्तविक वस्तु की कल्पना, असंख्य खटमल व कीड़ा मानो देखता है या अनुभव करता है। सोचता है उसके सम्बन्ध में अप्रीतिकर बातें वह कानों में सुन रहा है। अच्छे-बुरे का विचार करने की शक्ति का लोप। अवास्तविक विषय की कल्पना। कान से सुनना। वृद्धों का कम्पन, गला सूखा, जलन, सुन्नपन एवं कम्पन रहता है।   n Cocain-6 शक्ति की दवा 2 बूंद करके तीन बार खाएं। मस्तिष्क और स्नायुमंडल पर इसकी मुख्य क्रिया होती है। कलहप्रिय,ईर्ष्यालु होता है, अकेला रहने में डर, षड्यंत्र का सन्देह करना, विष खिलाने, बेच डालने, खान-पान करने, जो लेने के लिए कहा जाता है, वह ग्रहण करने में डर लगता है। कान में शब्द, सिर पर चक्कर आना, कै, अनजान में पेशाब व पाखाना होता है। बिना मतलब की बात करना और बहुत जोर से हंसना, शरीर पर से कपड़ा उतार फेंकना और नंगा पड़े रहना, बरे गाने गाना। उन्मत्तता-क्रोध आना, दांत से काटना, मारना और हत्या करने काे चाहना।   n Hyocymus-30शक्ति की दवा 2 बूंद करके तीन बार खाएं। हंसता है, रोता है, विमर्श, दु:खित, शोकाच्छन्न, इसके लिए लम्बी सांस छोड़ता है, गहरा शोक-दु:ख चुपचाप सहता है,किसी के पास प्रकट नहीं करता, मन ही मन रोता है, निर्जन स्थान में रहकर दु:ख भोगने की इच्छा। दिन-रात चिड़चिड़ापन रहे, निराश, लाचार, आसानी से हिम्मत हार बैठे, आत्मविश्वास का अभाव रहना। लज्जाशील, फूहड़ काम करना, नाचना, गाना और शृंगार प्रिय।   n IgnatiaAmara-6 शक्ति की दवा 2 बूंद करके तीन बार दें। नर्वस, भूलजाना, कोई चीज खरीदना तो उसे घर ले जाने की याद न रहना, जहां का तहां छोड़कर चला आना। लिखने में भूल करना, लिखता कुछ है और लिख और ही देना, शब्दों का आ​खिरी अंश लिखने में भूल करना, निराश होना, ऐसा समझना कि उसकी बीमारी ठीक नहीं होगी। बात-बात में रंज हो जाना, कल्पना में सांप काटने का अनुभव करना, शरीर में दर्द होना आज दाहिना तो कल बाएं पैर में दर्द होना।   n Lac.Caninum-200 शक्ति की दवा 2 बूंद कर एक बार सुबह खाली पेट खाएं। रोगी उदास, सिर चकराता है किसी बीमारी के कारण केश झड़ जाते हैं, हत बुद्धि सा रहना, हमेशा चिन्तित एवं चिंता के बाद ही फिर दूसरी चिंता और अचानक सारी चिन्ताओं का लोप हो जाना और पागल हो जाने का भय। मुख व गले के अंदर जलन और बदबूदार अत्यधिक मात्रा में लार निकलता है।   n Manicinella-6 शक्ति की दवा 2 बूंद करके दो बार सुबह एवं रात में दें। रोगी अत्यधिक सुस्त, चिड़चिड़ा, छिद्रान्वेषी, जैसे मूर्च्छा आ जाएगी, भयानक स्वप्न देखना, आंखों के आगे अंधेरा दिखायी देना, जैसे चारों ओर अंधकार ही अंधकार हो। क्रमागत रोता है किसी के साथ बात करने में यहां तक कि चिकित्सक के पास बीमारी की बात कहने में रोता है। एकाएक मूर्च्छा और ऐसा लगना कि मृत्यु सन्निकट है। हाथ-पांव कांपना। ऐसा महसूस होना मानो भीतर अनगिनत कीड़े रेंग रहे हों। सोने की अत्यधिक इच्छा होती हो लेकिन नींद नहीं आये, अर्द्ध निद्रा अवस्था में पड़ा रहना और सोते-सोते चौंक पड़ना।   n Nux Moschata-200 शक्ति दवा 2 बूंद रात में देना चाहिए । अत्यंत अहंकारी, थोड़े में ही मिजाज चढ़ जाता है, कटु बातें कहना। अच्छा अत्यंत अहंकारी, थोड़े में ही मिजाज चढ़ जाता है, कटु बातें कहना। अच्छा कहने पर खूब खुश होना, बुरा कहने पर गुस्सा हो जाना, खूब विरक्त होना प्राय: रोता है। हत्या करने की अदम्य प्रवृत्ति, अपने आप को विशिष्ट व्यक्ति समझे, दूसरों का अनादर, अपमान करे, घमंडा, उद्दंड,हर बात से उकताया हुआ, हर चीज बदली नजर आये। शारीरिक कष्ट घट जाते हैं और मानसिक कष्ट आ जाते हैं। इन सब कारणों के साथ लकवा अचेतनता, स्थानीय सुन्नपन और ठंडापन। हिस्टीरिया के दौर पड़ते हैं।   n Platinum Netalicum-30 शक्ति की दवा 2 बूंद करके सुबह और रात में।पक्षाघात के कारण कमजोरी, रक्तहीनता, स्मरण शक्ति का लोप हो जाना। परिणाम स्वरूप चमड़ी का पीलापन, पीलिया और खून की कमी आती है। भीतरी अंगों में घुटन की अनुभूति, प्रलाप, मूर्च्छा, मानसिक खिन्नता,वध कर दिये जाने का डर। बात देर में समझे। बोलते-बोलते शब्द छोड़ जाता है, बोलने की शक्ति का घट जाना, दिमागी उदासीनता स्मरण शक्ति बिगड़ जाती है। आंशिक पक्षाघात और बुद्धिभ्रम।   n Plumbum Netalicum-30 शक्ति दवा 2 बूंद करके दो बार दें। तन्द्रा, इसके साथ व्याकुलतापूर्ण विषाद, अदल-बदलकर आये अंगों में स्नायविक झटके, सनसनाहट की अनुभूति और लकवा पैदा करता है। चिड़​चिड़ा जरा सा विरोध भी सहन न करे, जरा सी बात पर क्रोध में आ जाए। खून की कमी, पेशी दुर्बलता, पसीना, सिर दर्द, धड़कन बढ़ जाना, आंख गोलक बाहर निकल आते हैं और पुतलियां फैल जाती हैं। स्मृतिशक्ति धीरे-धीरे बढ़ती है।   n Thyroidinum 2X/3X शक्ति की दवा थोड़ा पाउडर के रूप में दो बार लें।   इन दवाओं के लक्षण अनुसार सेवन कर सकते हैं इसके अलावा Arnika, Graphities, Lycopodium, Merc.sol, Pulsattila, Thuja आदि होमियोपै​थिक दवाएं हैं ​जिनका चिकित्सक से परामर्श लेकर सेवन कर सकते हैं।           n ई मेल-drmishraravishankar@gmail.com

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