फिल्मी भूत अच्छे होते हैं

जल्द रिलीज होनेवाली अपनी फिल्म फिल्लौरी में अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भूत बन कर दर्शकों को रिझाने की कोशिश करेंगी। ऐसे में 1958 की महान फिल्मकार बिमल राय की क्लासिक फिल्म मधुमति की एक छोटी-सी याद उभर आती है। जब फिल्म के क्लाइमेक्स में मधुमति बनी वैजयंतीमाला भूत कर अपने उपर हुए अन्याय का बदला लेती है। इस दृश्य के विस्तार में जाने की बजाय यदि हम ऐसी अन्य फिल्मों पर नजर डालें,तो ऐसी कई फिल्में देखने को मिलेगी,जिनमें सहृदय भूत के किरदार में सितारों ने किसी न किसी तरह से परोपकार का काम किया था। आइए ऐसे ही फिल्मी भूतों के कारनामों पर गौर फरमाए-
अब बारी है अनुष्का की- इस चर्चा की शुरुआत अनुष्का शर्मा की फिल्म फिल्लौरी से करना बेहद जरूरी है। इस फिल्म की कहानी के मुताबिक एक मांगलिक लडके की शादी पहले एक पेड से कर दी जाती है। फिर इस पेड़ को काट दिया जाता है। लेकिन विडंबना देखिए कि उस पेड़ में एक भूतनी अनुष्का शर्मा ने अपना निवास बना रखा था। इसलिए वह यह मान लेती है कि उसकी शादी हो चुकी है। पेड़ कटने से वह बेघर हो चुकी है। इसलिए वह अपने पति के घर में चली आती है। अनुष्का से इस पूरे प्रसंग का जिक्र करने पर वह बताती है,‘हमने सिर्फ एक जुदा कहानी पेश करने के लिए भूत को कहानी का हिस्सा बनाया है। पूरी फिल्म देखने के बाद आपको पता चल जाएगा कि यह भूत किसी को कोई नुकसान नहीं पहुचाता है,यह अपने चमत्कारिक करतबों से सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन करता है।’ लेकिन इस फिल्म की एक दूसरी सच्चाई यह है कि मरने के बाद अनुष्का अपने उपर अन्याय को पूरे समाज के सामने लाती है।
शाहरुख की ‘पहेली’- अभिनेता और फिल्मकार अमोल पालेकर ने प्रसिद्ध साहित्यकार विजयदान देथा की कहानी दुविधा पर पुनः फिल्म बनाते समय उनसे अनुमति लेकर स्क्रिप्ट में काफी परिवर्तन किया था। लेकिन यह परिवर्तन करते समय उन्होंने लेखक की भावना की पूरी कदर की। फिल्म में शाहरुख भूत बने हैं। यहां वह एक परिवार की समस्या को हल करते हैं।  जिसे शाहरुख ने बहुत अच्छी तरह से समझा। आज शाहरुख इस फिल्म को याद करते हुए बताते हैं,‘मेरा ख्याल है किसी लिटरेचर पर फिल्म बनाते समय जितना संभव हो उसकी मूल आत्मा के साथ कोई छेड़खानी न की जाये। मुझे खुशी है कि फिल्म पहेली के दौरान हम सबने इस बात को समझा। यह एक अच्छी बात है कि इसका भूत काल्पनिक नहीं लगता है।’ वैसे पार्श्व में इस फिल्म के दो अतिथि भूत नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक शाह की आवाज भी दर्शकों का भी खूब मनोरंजन करती है।
‘चमत्कार’ के नसीर- नसीर से याद आया उमेशा मेहरा की एक फिल्म चमत्कार में उन्होंने भूत बन कर बहुत अच्छे-अच्छे काम किए थे। कई आलोचक मानते है कि यह नसीर की मौजूदगी के यह भूत परदे पर और ज्यादा सार्थक लगता है। खास तौर से बच्चों नें इस फिल्म का खूब लुत्फ उठाया था। नसीर से इस रोल के बारे में पूछने पर वह बताते है,यह एक अच्छा ट्रीटमेंट था। मसाला फिल्मों में इस तरह के ट्रीटमेंट स्क्रिप्ट का अहम हिस्सा बन जाए,तो दर्शक आसानी के साथ ऐसे कैरेक्टर के साथ जुड़ते हैं। भले ही वह कैरेक्टर काल्पनिक हो।’
करीना भूत नहीं लगती- भला रीमा कांगती की फिल्म तलाश की खूबसूरत भूत रोजी यानी करीना कपूर को दर्शक कैसे भूल सकते हैं। इसकी सफलता की सबसे बड़ी वजह यह थी कि हमेशा आमिर के साथ रहनेवाली रोजी की असल सच्चाई तो फिल्म के अंत में ही खुलती है। जब यह पता चलता है कि रोजी एक भूत थी और बहुत गलत ढंग से उसकी मौत हुई थी। बाद में अपने ऊपर हुए अन्याय का राज खोलने के लिए ही वह आमिर को अपने सम्मोहन में बांधकर इस दुर्घटना की असली सच्चाई सामने लाती हैं। रीमा कहती है,‘मेरा ख्याल है कि सारा चमम्कार स्क्रिप्ट का था। फिल्म की स्किप्ट को फाइनल करते समय हमने यही ठीक समझा कि एक भूत को हत्या का रहस्य खोलते देखकर दर्शक कुछ सोचने के लिए विवश होंगे। और ऐसा हुआ भी ।’
शाहिद भी आए- अपने कॅरिअर के शुरू में फिल्म वाह लाइफ हो तो ऐसी में अभिनेता शाहिद कपूर ने एक ऐसे युवक आदित्य वर्मा का रोल किया था,जिसकी एक दुर्घटना में मौत हो चुकी है। वह परिवार का एकमात्र कमाऊ व्यक्ति हैं। उस परिवार के सारे लोगों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी है। वह यमराज बने संजय दत्त से अनुरोध करता है कि वह उसे छोड़ दे। यमराज भूत बने शाहिद के साथ पृथ्वीलोक का भ्रमण करने आते हैं। इसके बाद शुरू होता है कारनामों का सिलसिला।  2005 की यह फिल्म बच्चों के लिए एक अच्छी सौगात बन सकती थी। मगर महेश मांजरेकर के कमजोर निर्देशन के चलते इसे बच्चों ने भी देखना पसंद नहीं किया।
भाई जान बने ‘हेलो ब्रदर’- अभी हाल में निर्देशक सुहैल खान ने बताया कि वह अपनी एक फिल्म हेलो ब्रदर का सिक्वल बनाना चाहते हैं। 1999 की यह फिल्म कोई बड़ी हिट नहीं थी। लेकिन इसके हीरो सलमान ने एक अदृश्य शक्ति बनकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया था। खास तौर से हवलदार बने जाॅनी लीवर के साथ मिलकर यह हीरो सीनियर इंस्पेक्टर नीरज वोरा का जिस तरह से मजाक उड़ाता है,उन दृश्यों को दर्शक बेहद लाइट मूड में लेते है। इसमें कोई संदेह नहीं है। एक घोस्ट के रोल को सलमान अपने ढंग से ही प्ले करते हैं। उनका एक विशेष दर्शक वर्ग बच्चे तो उनके साथ इसी वजह से जुड़ जाते हैं। सलमान इस फिल्म में और भी अच्छे लगते,यदि उनके परफार्मेंस को एक चुस्त निर्देशन और अच्छी स्क्रिप्ट का साथ मिलता। उम्मीद है इस बार सुहैल ऐसी कोई चूक नहीं करेंगे।
बिग बी का जवाब नहीं- भूत बनकर भी अमिताभ बच्चन कितने अच्छे लग सकते हैं,यह उन्होंने 2008 की भूतनाथ और 20014 की सिक्वल भूतनाथ रिटर्न्स में साबित कर दिया है। ये दोनों ही फिल्में भले बाॅक्स आफिस में कोई बड़ा करिश्मा नहीं कर पाई थी। इन दोनों ही फिल्मों के अलग-अलग डायरेक्टर थे। अब जैसे कि भूतनाथ बाल दर्शकों का अच्छा मनोरंजन कर सकती थी,पर इसके निर्देशक विवेक शर्मा को इतना भी पता नही था कि अमिताभ को कैसे पेश किया जाता है। सच भी है,न सिर्फ अमिताभ के रोल को अच्छी तरह स्क्रिप्ट का हिस्सा बनाया गया,बल्कि उन्हें यह भी नहीं बताया गया था कि आखिर उन्हें करना क्या है। फिर भी फिल्म जितना भी संभली हुई नजर आई,वह भूत बने अमिताभ का चमत्कार था।  इसके सिक्वल भूतनाथ रिटर्न्स के साथ भी ऐसा हुआ। इसके निर्देशक नितेश तिवारी आज भले दंगल के हिट डायरेक्टर के तौर पर पहचाने जाते हो,पर यह फिल्म उन्होंने बहुत खराब बनाई थी। बच्चों को लुभा सकनेवाली इस फिल्म में उन्होंने भूत बने अमिताभ को राजनीति के मैदान में उतार कर पूरे सब्जेक्ट को बेहद कुतर्क रंग दिया था। यही वजह थी कि यह फिल्म बाक्स आफिस में बुरी तरह चित हो गई। यदि यह फिल्म चल जाती,तो निश्चित तौर पर भूतनाथ फ्रेंचाइची को एक जीवनदान मिलता।
फराह ने दीपिका को प्रेतात्मा बनाया- कोरियोग्राफर फराह खान की दूसरी निर्देशित दूसरी फिल्म ओम शांति ओम में एक नई तारिका दीपिका पाडुकोण का उदय हुआ था। अत्यंत मनोरंजक होने की वजह से इस फिल्म बतौर निर्देशक फराह खान को एक बूस्ट दिया था। पर सबसे ज्यादा बूस्ट फिल्म की हीरोइन दीपिका को मिला। फराह का कमाल यह था कि उन्होंने फिल्म के क्लाइमेक्स को बहुत खूबसूरती के साथ फिल्माया था। इसके लिए उन्होंने सीधे-सीधे बिमल राय की क्लासिक मधुमति की शरण में जाना ठीक समझा। लेकिन इस क्लाइमेक्स का फिल्माकंन करते समय उन्होंने कुछ खास फिल्मी मसालों को ध्यान रखा। बहरहाल फिल्म के क्लाइमेक्स में भूत बनी दीपिका जिस तरह से आकर अपनी हत्या का रहस्य सुलझाती है,वह बेहद दिलचस्प बन पड़ा है। दीपिका से यह पूछने कि क्या आगे भी वह किसी फिल्म में भूत या प्रेतात्मा बनना चाहेंगी, उनका जवाब बहुत रोचक होता है, ‘वैसे तो मैं भूत जैसी नहीं लगती हूं,पर किसी फिल्म में यदि मुझे खूंख्वार भूत का रोल करने का मौका मिला,तो मैं उस चैलेंज को जरूर कबूल करूंगी। बचपन में मुझे भूत की कहानियां पढ़ना अच्छा  लगता है। अब वैसा ही कुछ मैं परदे पर ही जीवंत करना चाहूंगी।’
बहरहाल,शुद्ध हाॅरर फिल्मों की बात जाने दे,तो ऐसी कई फिल्में हैं, जिनमें मनुष्य की आत्मा ने अपने ऊपर हुए अत्याचार का खुद बदला लिया। बिपाशा-डिनो मारिया की सुपर हिट फिल्म राज में भूत बनी मालिनी शर्मा की वीभत्स हरकतें भी फिल्म का उल्लेखनीय पक्ष था। लेकिन बावजूद इसके हमेशा अच्छे भूत ही फिल्मों पर हावी रहते है। क्योंकि राज जैसी सस्ती भूतहा फिल्मों की सफलता में भी अमूमन उनके सुमधुर संगीत का ही बड़ा हाथ रहता है।
– असीम चक्रवर्ती

एसे अन्य लेख

Leave a Comment

अन्य समाचार

भाभी ऐश्वर्या राय बच्चन की इस बात से नफरत करती हैं श्वेता

मुंबईः करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' में हाल ही में अभिषेक बच्चन अपनी बहन श्वेता नंदा के साथ आए। इस दौरान दोनों ने काफी मस्ती की और कई दिलचस्प खुलासे किए। रैपिड फायर राउंड के दौरान करण ने [Read more...]

स्टार सिस्टम कभी खत्म नहीं होगा: अजय देवगन

मुंबईः ऐसे समय में जब बॉलीवुड सुपरस्टारों की पुरानी ब्रिगेड दर्शकों का मनोरंजन करने में विफल हो रही है, तब अजय देवगन का मानना है कि स्टार सिस्टम कभी नहीं खत्म होगा। उधर उनकी पत्नी एवं बॉलीवुड की बहुचर्चित अदाकारा [Read more...]

मुख्य समाचार

कर्जमाफी को लेकर किसानों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है भाजपा : पायलट

जयपुर : यहां पत्रकारों से बातचीत में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कर्जमाफी को लेकर किसानों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। सरकार ने सहकारी बैंकों और [Read more...]

प्रवासी भारतीयों की दुनियाभर में बढ़ी नेतृत्व क्षमता : सुषमा

2022 तक ‘नूतन युवा भारत’ बनाने में मदद करेगी युवाओं की बढ़ती संख्या वाराणसी : प्रवासी भारतीयों की दुनियाभर में बढ़ती नेतृत्व क्षमताओं को नये भारत की विकास यात्रा के लिए अहम बताते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को [Read more...]

ऊपर