वैश्विक संकेत और कंपनियों के नतीजे तय करेंगे बाजार का रुख

कोलकाताः यह सप्ताह अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ताजपोशी के बाद पहला कारोबारी सप्ताह होगा। कम कारोबारी सत्रों वाले इस सप्ताह में तीन प्रमुख कारक होंगे, जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। यही तीनों प्रमुख कारक घरेलू शेयर बाजारों की दशा और दिशा तय करेंगे। इनमें ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही दिए गए बयान, लगभग 300 कंपनियों के तिमाही नतीजे और सप्ताह के पहले दिन आने वाला बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ शामिल होंगे।
भारतीय शेयर बाजारों पर सबसे पहला असर नजर आएगा वैश्विक संकेतों का। इस सप्ताह आशंका है कि ट्रंप के संरक्षणवादी बयान के बाद दुनियाभर के बाजारों में नकारात्मक शुरुआत हो सकती है। ट्रंप ने भारतीय समयानुसार शुक्रवार रात को शपथ लेने के बाद स्पष्ट कह दिया है कि उनकी सरकार की दो ही नीतियां होंगी- अमरीकन खरीदिए और अमरीकियों को नौकरी दीजिए। उनके इस बयान से विशेषकर अमरीका में कारोबार करने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का जोर नजर आ सकता है। साथ ही, इससे पूरी दुनिया में अपना बाजार आधार बनाए रखने के लिए दामों में कमी की एक नई जंग छिड़ सकती है। इसी आशंका में निवेशक विशेषकर वहां कारोबार कर रही कंपनियों से पैसा निकालना शुरू कर सकते हैं। साथ ही ट्रंप की यह घोषणा मुक्त कारोबार की अवधारणा को भी बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। भारत की कुछ बड़ी कंपनियों का अमरीका में बड़ा कारोबार है, विशेषकर सूचना एवं तकनीक यानी आईटी से जुड़ी कंपनियों का। इनमें सबसे प्रमुख हैं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इंफोसिस जैसी कंपनियां। इस कारण इस सप्ताह इनके शेयरों पर दबाव नजर आने की आशंका है।
दूसरा सबसे अहम और सबसे बड़ा घरेलू कारक होगा लगभग 300 कंपनियों के जारी होने वाले तिमाही परिणाम। इनमें हिंदुस्तान यूनिलिवर, आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, मारुति, विप्रो और एलएंडटी के परिणाम जारी होने हैं। इनके अलावा आइडिया, इंफ्राटेल, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कर्नाटका बैंक, मैसूर बैंक, टीवीएस मोटर, अशोक लेलैंड, आईडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टीआरएफ और बीईएल जैसी दिग्गज कंपनियों के तिमाही परिणाम शामिल हैं। साफ है कि नोटबंदी के बाद इन कंपनियों के ये पहले तिमाही नतीजे होंगे और यही इस सप्ताह बाजार को चढ़ाने या गिराने की भूमिका निभाएंगे।
तीसरा घरेलू कारक होगा प्रमुख शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ)। यह आईपीओ 23 जनवरी यानी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को खुलेगा और 25 जनवरी को बंद होगा। बीएसई ने एंकर निवेशकों को 806 रुपए प्रति शेयर की दर पर शेयर देकर 363 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। सोमवार से शुरू होने वाले आईपीओ के जरिये बीएसई 1273 करोड़ रुपए और जुटाना चाहता है, इसके लिए प्राइस बैंड 805 से 806 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। ऐसे में ट्रंप के संरक्षणवादी बयान और 300 कंपनियों के नतीजों के बीच यह देखने की बात होगी कि निवेशक इसे कैसा प्रतिसाद देते हैं।
जनवरी की अवधि के लिए फ्यूचर एवं ऑप्शन भी इसी सप्ताह एक्सपायर होंगे। आमतौर पर वे तय महीने के अंतिम गुरुवार को एक्सपायर होते हैं, लेकिन इस सप्ताह गुरुवार को 26 जनवरी है और उस दिन गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में शेयर बाजार बंद रहेंगे। इस कारण फ्यूचर एवं ऑप्शन की एक्सपायरी एक दिन पहले अर्थात 25 जनवरी बुधवार को हो जाएगी। यह भी बाजार पर असर डालेगा।

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