गोल्ड बॉन्ड में निवेश का गोल्डेन मौका

नई दिल्ली : त्यौहारों से पहले केंद्र की मोदी सरकार गोल्ड में निवेश की शानदार स्कीम लेकर आई है। इस स्कीम के तहत गोल्ड पर पैसा लगाने पर आपको ब्याज भी मिलेंगा। शेयर बाजार में बढ़ती अनिश्चिचतता के दौरान सरकार द्वारा लाई जा रही यह स्कीम खुदरा निवेशकों के लिए निवेश का शानदार विकल्प साबित हो सकती है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) स्कीम 2018-19 के जरिए अक्टूबर 2019 से लेकर फरवरी 2019 के दौरान हर महीने गोल्ड बॉन्ड जारी करेगी। यह योजना पांच ‌किश्तों में चलाई जाएगी। योजना का पहला चरण अभिदान के लिये 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर को बंद होगी। वहीं बांड 23 अक्टूबर को जारी किया जाएगा। अगला चरण 5 नवंबर को खुलेगा और 9 नवंबर को बंद होगा। उसके बाद यह 24 दिसंबर को आएगा और 28 दिसंबर को बंद होगा। चौथा और पांचवां चरण क्रमश: 14 से 18 जनवरी और 4 से 8 फरवरी को खुलेगा। चालू वित्त वर्ष में सरकारी स्वर्ण बांड योजना का पहला चरण 16 अप्रैल को खुला था।जानें क्या है एसजीबी –
एसजीबी में निवेशकों को गोल्ड में पैसा लगाने का मौका मिलता है लेकिन उन्हें इसके लिए उन्हें फिजिकल फॉर्म में गोल्ड रखने की जरूरत नहीं होती। स्कीम में निवेशकों को प्रति यूनिट गोल्ड में निवेश का मौका मिलता है, जिसकी कीमत इस बुलियन के बाजार मूल्य से जुड़ी होती है। बॉन्ड के मैच्योर होने पर इसे नकदी में भुनाया जा सकता है।
यह योजना 2015 में शुरू की गयी थी जिसका उद्देश्य सोने की भौतिक मांग में कमी लाना होता है। साथ ही गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने के दौरान आपको टैक्स में भी छूट मिल सकती है। गोल्ड बॉन्ड भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी किया जाता है।
कहां से खरीदे बॉन्ड
निवेशक खुदरा निवेशक बैंक, चुनिंदा पोस्ट ऑफिस और स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई एवं एनएसई) से इसकी खरीदारी कर सकते हैं। बॉन्ड में कोई व्यक्ति, एचयूएफ, ट्रस्ट्स, यूनिवर्सिटीज या फिर चैरिटी करने वाले संस्थान पैसा लगा सकते हैं।
न्यूनतम निवेश की सीमा –
कम से कम एक ग्राम गोल्ड की खरीदारी न्यूनमत निवेश की सीमा है। वहीं अधिकतम कोई व्यक्ति 4 किलो तक सोना खरीद सकता है। जबकि ट्रस्ट जैसे संस्थान के लिए निवेश की मात्रा 20 किलो सोना सालाना है।
मैच्योरिटी पीरियड –
इस बॉन्ड में निवेशकों को कम से कम 8 सालों के लिए निवेश करना होगा। हालांकि पांचवें, छठें और सातवें साल में निवेशकों को इसे भुनाने का मौका मिल सकता है।
टैक्स में छूट
एसजीबी में पैसा लगाने वाले निवेशकों को ब्याज से होने वाली आय आयकर की धारा 43 के तहत टैक्सेबल है लेकिन निजी व्यक्तियों को इससे होने वाले कैपिटल गेंस से छूट मिली हुई है। गौरतलब है कि इक्विटी मार्केट में होने वाली उठापटक और अनिश्चितता की स्थिति में निवेशक बुलियन में निवेश को अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प मानते हैं।


एसे अन्य लेख

Leave a Comment

अन्य समाचार

डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत को बताया अमेरिका का सच्चा मित्र

वाशिंगटन : अमेरिका की एक शीर्ष राजनयिक ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को एक ‘‘सच्चा मित्र’’ बताया है। उन्होंने अमेरिका द्वारा बीते दो वर्ष में भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का [Read more...]

चीन ने इस वर्ष बनायी 88 गगनचुंबी इमारतें, निर्माण क्षेत्र में बजाया डंका

बीजिंग : चीन ने वर्ष 2018 में 200 मीटर की ऊंचाई वाली 88 गगनचुंबी इमारतें (स्काईस्क्रैपर्स) बनाकर पूरे विश्‍व में अपना डंका बजवा दिया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी खबरों पर नजर रखने वाली काउंसिल ऑफ टॉल बिल्डिंग्स एंड अर्बन हैबिटेट ने [Read more...]

मुख्य समाचार

डोनाल्‍ड ट्रंप ने भारत को बताया अमेरिका का सच्चा मित्र

वाशिंगटन : अमेरिका की एक शीर्ष राजनयिक ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को एक ‘‘सच्चा मित्र’’ बताया है। उन्होंने अमेरिका द्वारा बीते दो वर्ष में भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का [Read more...]

हाकी विश्वकप में नहीं होगा समापन समारोह

भुवनेश्वरः ओडिशा सरकार ने हाकी विश्वकप के दो-दो उद्घाटन समारोह की कड़ी आलोचना के बाद फैसला किया है कि टूर्नामेंट में फाइनल के दिन कोई समापन समारोह नहीं होगा। आयोजकों ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि टूर्नामेंट [Read more...]

ऊपर