कार्पोरेट कर छूट सिर्फ कंपनियों को

50 करोड़ से कम टर्नओवर पर फर्मों, प्रोपरायटरशिप, पार्टनरशिप में लाभ नहीं

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 50 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाली कंपनियों को कार्पोरेट टैक्स में 5 प्रतिशत की राहत देने की घोषणा की है। इन्हें अब 30 प्रतिशत की जगह 25 प्रतिशत कर देना होगा। जेटली के अनुसार इससे 96 प्रतिशत कंपनियों को राहत मिलेगी। मध्यम एवं लघु उद्योग क्षेत्र के लोग खुश हुए थे कि उन्हें कार्पोरेट टैक्स में 5 प्रतिशत की छूट मिल गई, लेकिन यह छूट वास्तव में सिर्फ उन फर्मों के लिए है जिनका पंजीकरण एक कंपनी के रूप में है। अपंजीकृत, निजी मालिकाना और भागीदारी फर्में इसके दायरे से बाहर हैं।
यह है पूरा मामला
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट में कहा था – वित्त वर्ष 2015-16के आंकड़ों के अनुसार 1 करोड़ रुपये से कम लाभ कमाने वाली 2.85 लाख कंपनियां 30.26 प्रतिशत की दर से कर दे रही हैं, जबकि 500 करोड़ रुपये से अधिक लाभ कमाने वाली 298 कंपनियां 25.90 प्रतिशत की दर से कर चुकाती हैं। इसलिए एमएसएमई कंपनियों को और व्यवहार्य बनाने के लिए और फर्मों को भी कंपनी में बदलने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 50 करोड़ रुपये तक का वार्षिक कारोबार करने वाली छोटी कंपनियों का आयकर घटाकर 25 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
इसलिए की घोषणा
कार्पोरेट टैक्स दर 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने के लिए व्यावसायिक संगठनों का काफी दबाव था। जेटली ने 2015 में अपने बजट भाषण में कहा था कि वह कार्पोरेट टैक्स घटाकर 25 प्रतिशत करना चाहते हैं।
एक छोटा कदम उठाकर उन्होंने संकेत दिया है कि वह ऐसा करना तो चाहते हैं, लेकिन कोई विकल्प नहीं हैं।

 मात्र 1.25 प्रतिशत उद्यमों को राहत

पंजीकृत कंपनियां जिनका कारोबार 50 करोड़ रुपये से कम है, काफी कम हैं। गैर पंजीकृत कंपनियां- निजी मालिकाना और पार्टनरशिप फर्में कर छूट के दायरे से बाहर हो जाएंगी। देश में लगभग 5 करोड़ एमएसएमई हैं। इनमें 6 लाख 94 हजार कंपनियां हैं। 6 लाख 67 हजार कंपनियों का कारोबार 50 करोड़ रुपये से कम है। केवल इन्हें ही 5 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। इसका अर्थ है कि 5 करोड़ में से लगभग 1.25 प्रतिशत लघु एवं मध्यम उद्योगों को ही कर छूट का लाभ मिल पाएगा। इसके पीछे सरकार का प्रमुख उद्देश्य अधिक संख्या में कारोबारियों को कंपनी प्रारूप अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

 

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