इन्टरनेट कनेक्टिविटी जीएसटी में बड़ी बाधा

नई दिल्लीः वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रोलआउट के लिए उत्तर -पूर्व के इलाकों में ख़राब इंटरनेट कनेक्टिविटी बड़ी चुनौती है। केंद्र ने 1 जुलाई से इस नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को लागू करने की समय सीमा तय की है। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने दूरसंचार मंत्रालय को लिखा है कि इन्टरनेट कनेक्टिविटी समस्या सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर सुधार के कार्यान्वयन में देरी का कारण बन सकती है। अधिया ने अपने पत्र में लिखा है कि जीएसटी के क्रियान्वयन के लिए जीएसटी सर्वर और राज्य के वैट डेटा सेंटर के बीच उच्च गति कनेक्टिविटी की आवश्यकता है।
दूरसंचार सचिव पी.के. पुजारी से अधिया ने अनुरोध किया था कि दूरसंचार अधिकारी के एक वरिष्ठ विभाग को पूर्वोत्तर में संपर्क की निगरानी का काम सौंपा जाएं और इन सभी शिकायतों को जल्द से जल्द दूर किया जाये। अधिया ने लिखा है कि पूर्वोत्तर में कई परियोजनाएं चल रही हैं। सबकी स्थिति खराब है और यहाँ काम कर रही एजेंसियों में समन्वय नहीं है। समन्वय के लिए इटानगर में दूरसंचार विभाग के एक उप निदेशक स्तर के अधिकारी की आवश्यकता है। जीएसटी रोलआउट के लिए अभी दो महीने से ज्यादा समय है। सरकार ने टैक्स दरों को अंतिम
रूप दिया है जो कि विभिन्न उत्पादों के लिए लागू होगा।
क्या है समस्या
अरुणाचल प्रदेश में ऑप्टिकल फाइबर केबल केवल 20 जिलों में से 7 जिलों में उपलब्ध है। रेलटेल को 192 नोड्स के लिए अरुणाचल प्रदेश में ओएफसी बिछाने का काम दिया गया है। इसकी आखिरी तारीख दिसंबर 2017 थी लेकिन, अभी तक केवल 26 नोड्स जुड़े हैं। ऐसा नहीं लगता कि समय सीमा के अन्दर लक्ष्य हासिल होगा।ऑप्टिकल फाइबर केबल्स की गंभीर कमी है, जिससे काम पूरा होने में देरी हो सकती है। इसके अलावा काम कर रहे एजेंसियां ​​ठीक से मानदंडों का पालन नहीं कर रही हैं। सड़क मरम्मत कार्यों में ओएफसी काटने के कई मामले देखने को मिले। अधिया ने पत्र में लिखा है कि डीओटी को तीव्रता के लिए बीआरओ के साथ एक समन्वय बैठक करनी चाहिए।

जीएसटी के लिए तैयार हो रहा है डीजीएफटी

नयी दिल्लीः एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने की संभावना के बीच विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) अपने आप को नये स्वरूप में ढालने की संभावना पर गौर कर रहा है क्योंकि उसका बहुत सारा वर्तमान कामकाज डिजिटलीकरण के कारण ऑनलाइन होने जा रहा है। डीजीएफटी निर्यात को सुगम बनाता है। नियामक देश से वस्तुओं के निर्यात की योजना, अग्रिम अधिकरण एवं पूंजीगत वस्तु निर्यात संवर्धन जैसे कार्यक्रमों का संचालन करता है। एक अधिकारी ने कहा हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि कैसे हम घरेलू निर्यातकों को सहयोग जारी रखने के लिए अपने मानव संसाधनों का महत्तम उपयोग करें। ‘हमारी ज्यादातर गतिविधियां जैसे आयात-निर्यात कोड नंबर प्रदान करना आदि अब ऑनलाइन संभाले जा रही हैं।’ अप्रत्यक्ष कर ढांचा प्रभाव में आने के बाद सभी काम डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।

Leave a Comment

अन्य समाचार

नरेंद्र मोदी और अशरफ गनी के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अशांत अफगानिस्तान में जारी शांति प्रक्रिया की स्थिति सहित अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं द्विपक्षीय मुद्दों पर बुधवार को यहां गहन विचार विमर्श किया। नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर [Read more...]

बागड़ी मार्केट की आग से प्रभावित हुआ महानगर के मेडिकल स्टोर्स का स्टॉक

कोलकाता : गत शनिवार को बागड़ी मार्केट में लगी आग के बाद मंगलवार को भी रह- रह कर भवन के तीसरे और चौथे तल्ले से उठती आग की लपटों को देखा जा सकता था। इस भयावह आग में हजारों लोगों [Read more...]

मुख्य समाचार

भाजपा के सामने किसी राजनीतिक दल की कोई चुनौती नहीं : कैलाश विजयवर्गीय

नीमच : भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि देश में अब उनकी पार्टी के सामने कांग्रेस या अन्य किसी राजनीतिक दल की कोई चुनौती नहीं है। कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार दोपहर नीमच और जावद में कार्यकर्ताओं [Read more...]

नरेंद्र मोदी और अशरफ गनी के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अशांत अफगानिस्तान में जारी शांति प्रक्रिया की स्थिति सहित अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं द्विपक्षीय मुद्दों पर बुधवार को यहां गहन विचार विमर्श किया। नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर [Read more...]

ऊपर